बेंगलुरु से वाराणसी जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E 185 में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक यात्री ने बीच उड़ान में ही विमान का दरवाज़ा खोलने की कोशिश कर दी। आरोपी की पहचान मोहम्मद अदनान के रूप में हुई है,
उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद मोहम्मद अदनान ने अचानक विमान का दरवाज़ा खोलने की कोशिश की, लेकिन सतर्क केबिन क्रू ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए उसे रोक लिया और सीट पर बैठा दिया। हालांकि मामला यहीं नहीं रुका—वाराणसी में लैंडिंग के बाद उसने एक बार फिर दरवाज़े के पास जाने की कोशिश की, जिससे क्रू और यात्रियों में चिंता बढ़ गई। फिलहाल मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और एविएशन सेफ्टी नियमों के तहत सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
### घटना का सारांश
बेंगलुरु से वाराणसी जा रही इंडिगो फ्लाइट 6E-185 में एक यात्री ने उड़ान के दौरान इमरजेंसी दरवाजा खोलने की कोशिश की, जिससे विमान में हड़कंप मच गया। आरोपी की पहचान मोहम्मद अदनान के रूप में हुई है। यह घटना 13 अप्रैल 2026 को घटी, जैसा कि हालिया खबरों से पता चलता है।
### क्या हुआ?
- **उड़ान के दौरान**: टेकऑफ के कुछ मिनट बाद अदनान ने दरवाजा खोलने का प्रयास किया। केबिन क्रू ने फौरन रोक लिया और उसे सीट पर बिठा दिया।
- **लैंडिंग पर**: वाराणसी एयरपोर्ट पर उतरने के बाद उसने फिर दरवाजे की ओर बढ़ने की कोशिश की, जिससे क्रू और यात्रियों में डर फैल गया।
- कोई चोट या नुकसान नहीं हुआ, लेकिन यह एविएशन सेफ्टी के लिए गंभीर उल्लंघन है।
### कानूनी कार्रवाई
वाराणसी पुलिस ने अदनान को हिरासत में ले लिया है। DGCA (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) के नियमों के तहत Aircraft Rules 1937 की धारा 3(1)(b) के उल्लंघन का मामला दर्ज है। ऐसे मामलों में 2 साल तक की जेल या जुर्माना हो सकता है। जांच जारी है—क्या यह मानसिक समस्या थी या कुछ और, यह स्पष्ट होना बाकी है।
### क्यों असंभव था दरवाजा खोलना?
आधुनिक विमानों में दरवाजे हवा के दबाव (cabin pressure) से लॉक हो जाते हैं। 30,000 फीट की ऊंचाई पर बाहर का दबाव बहुत कम होता है, इसलिए दरवाजा खोलना शारीरिक रूप से नामुमकिन है—यह एक सुरक्षा डिजाइन है। फिर भी, कोशिश से क्रू को खतरा महसूस हुआ।
यह घटना भारतीय विमानन में बढ़ते disruptive passenger मामलों की याद दिलाती है। क्या आपके पास इस पर कोई अपडेट या सोशल मीडिया पोस्ट के लिए और डिटेल चाहिए?

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