ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत US-इजरायल के हमलों में हो गई है, जिसमें उनके परिवार के कई सदस्य भी मारे गए। ईरानी राज्य मीडिया ने इसे पुष्टि की है और 40 दिनों का राजकीय शोक घोषित किया गया है। घटना का विवरणUS और इजरायल ने 28 फरवरी 2026 को "ऑपरेशन एपिक फ्यूरी" के तहत ईरान पर हमला किया, जिसमें खामेनेई के तेहरान स्थित कंपाउंड को निशाना बनाया गया। हमले में 30 से अधिक प्रमुख नेता मारे गए, जिसमें IRGC कमांडर और अन्य शामिल थे। परिवार पर प्रभावखामेनेई की बेटी, पोता/पोती, दामाद और बहू की मौत की पुष्टि ईरानी मीडिया ने की है। कुछ रिपोर्ट्स में "पूरे परिवार" का उल्लेख है, लेकिन मुख्य रूप से इन सदस्यों की पुष्टि हुई है। ईरान की प्रतिक्रियाईरान ने इजरायल, US ठिकानों और खाड़ी देशों पर मिसाइल-ड्रोन हमले किए। 7 दिनों की छुट्टी और 3 सदस्यीय परिषद का गठन किया गया है नया नेता चुनने तक।US राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे "न्याय" बताया।
एक वीडियो में #Iran के लोग #Khamenei की मौत का जश्न मना रहे है। लेकिन वही भारत में मुस्लिम अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर प्रदर्शन कर रहे है। मतलब भारत का मुसलमान आज कहाँ खड़ा है ये साफ दिख रहा है। भारत का मुस्लिम को राजनीतिक फायदे के लिए कट्टर बनाया जा रहा है।
और सेक्युलर सोचते है कि भारत का मुस्लिम उनका अपना है। भारत के मुस्लिमो पे कभी भरोसा नहीं करना चाहिए! यही मुस्लिम है जो धर्म के नाम पे पहले ही पाकिस्तान और बांग्लादेश ले चुका है अब भारत में इनलोगों का कोई अधिकार ही नहीं होना चाहिए!
हिन्दुओं को अब एक होकर इजरायल से सीखना होगा कि जेहादी कट्टर मुस्लिम को अगर सरकार चुन चुन के सफाया करती है तो हमेशा समर्थन में खड़ा होना होगा!

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