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दुनियाँ में ऊँ के ऊपर रिसर्च क्यों हो रहा है, ऊँ के ध्वनि और मानव का क्या रिश्ता है!

 योगा के माध्यम से अपने इंद्रियों पे कंट्रोल कर सकते हैं हमारे ऊर्जा ही हमे सही दिशा दिखाता है मार्ग दर्शन करता है!

शिव की उत्पत्ति: शिव पुराण के अनुसार, भगवान शिव के पांच मुखों से 'अ' (उत्तर मुख), 'उ' (पश्चिम मुख), 'म' (दक्षिण मुख), बिंदु (पूर्व मुख), और नाद (मध्य मुख) की उत्पत्ति हुई, जिनसे मिलकर 'ॐ' बना।

तीन देवों का प्रतीक: 'अ' ब्रह्मा (उत्पत्ति), 'उ' विष्णु (स्थिति/विकास), और 'म' रुद्र (विनाश/लय) का प्रतीक है, जो सृष्टि के चक्र को दर्शाता है।

ब्रह्मांडीय ध्वनि: मंडूक उपनिषद के अनुसार, ॐ वह है जो भूत, भविष्य, वर्तमान और उससे परे हर जगह मौजूद है; यह ब्रह्मांड की वह ध्वनि है जो हर शोर के शांत होने पर सुनाई देती है।

तीन अवस्थाएँ: 'अ' जागृत अवस्था, 'उ' स्वप्न अवस्था, और 'म' सुषुप्ति (गहरी नींद) अवस्था को दर्शाता है, जबकि इनके परे की अवस्था (बिंदु और नाद) को 'तुरीया' कहते हैं।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण: नासा (NASA) ने सूर्य से निकलने वाली ध्वनि को रिकॉर्ड किया, जो 'ॐ' ध्वनि जैसी थी, जिससे यह पुष्टि हुई कि यह एक प्राकृतिक और ब्रह्मांडीय कंपन है जिसे प्राचीन ऋषियों ने पहचाना था। 

संक्षेप में: 'ॐ' केवल एक शब्द नहीं, बल्कि सृष्टि की शुरुआत, ईश्वर के स्वरूप, और चेतना की अवस्थाओं का एक एकीकृत प्रतीक है, जो हर जगह व्याप्त है और अनंत सत्य को दर्शाता है। 

क्या है ॐ का महत्व, कैसे हुई ओम की उत्पत्ति? 

कई शास्त्रों में ॐ का महत्व बताया गया है। भागवत गीता में कहा गया है कि जो व्यक्ति ॐ का उच्चारण करते हुए अपने शरीर का त्याग करता है, वह परमगति को प्राप्त होता है...




जाने ॐ मंत्र की उत्पत्ति कैसे हुई | Aum Mantra | तिलक

क्या आपको पता है कि ओम मंत्र की उत्पत्ति कैसे हुई शिव पुराण के अनुसार. सृष्टि पालन संघार तिरोभाव और अनुग्रह भगवान शिव के पांच कर्तव्य बताए गए हैं और इन्हीं पांच...


ओम शब्द की उत्पत्ति कैसे हुई और इसे किसने सिद्ध किया है? - क्वोरा

ॐ शब्द की उत्पत्ति ओंकार भगवान महादेव से हुई है, और इसे उन्होंने ही सिद्ध किया, यह तीन अक्षरो से मिलकर बना है, अ, उ और म। "अ" ब्रह्मा का वाचक है; उच्चारण द्वारा...

।।।ओ३म् (ॐ)।।। ओ३म् (ॐ) या ओंकार परमात्मा, ईश्वर, उस एक के मुख से ...

ॐ (OM) शब्द तीन अक्षरों से मिलकर बना है- अ उ म। अ का मतलब होता है उत्पन्न होना, उ का मतलब होता है उठना यानी विकास और म का मतलब होता है मौन हो जाना यानी कि ब्रह्...


ॐ क्या है? जानिए ॐ नमः शिवाय' मंत्र का दिव्य ज्ञान

भगवान शिव के पाँच मुखों से अलग-अलग ध्वनियाँ प्रकट हुईं: * उत्तरवर्ती मुख से अकार (अ) * पश्चिम मुख से उकार (उ) * दक्षिण मुख से मकार (म) * पूर्ववर्ती मुख से बिंदु...


ॐ का वैज्ञानिक महत्व | वैदिक तरंगें 

अनुवाद किया गया — संस्कृत में, "ओ" ध्वनि एक द्विस्वर है जिसे "औ" लिखा जाता है। द्विस्वर दो स्वरों का मिश्रण होता है और इसे अलग-अलग सुना जा सकता है। यही कारण है कि ॐ का उच्चारण "औ...


ॐ - भारतकोश, ज्ञान का हिन्दी महासागर

ॐ शब्द तीन ध्वनियों से बना हुआ है। जिनका उच्चारण एक के बाद एक होता है। ओ, उ, म इन तीनों ध्वनियों का अर्थ उपनिषद में भी आता है, जिसके अनुसार साधक या योगी इसका उच...


भारतकोश


ॐ - विकिपीडिया

वैज्ञानिक शोध अमेरिका की संस्था नासा ने सूर्य की आवाज रिकॉर्ड की है , किंतु अपने कानों की क्षमता २० Hz से लेकर २०,००० Hz तक ही होती है , किंतु सूर्य से रिकॉर्ड ...


ओम - हिंदूपीडिया, हिंदू विश्वकोश

अनुवाद किया गया — ओम की ध्वनि [ संपादित करें ] शिव के डमरू से ओम की ध्वनि निकलती थी, जिसके माध्यम से सप्तक (सा, री, गा, म, पा, ध, नि) के स्वर निकलते थे। ओम आत्मा का ध्वनि रूप भी ...


Om की उत्पत्ति कैसे हुई | कहाँ से आया ॐ | Om mani padme hum | Buddha ...

ओम शब्द बुद्ध धर्म के महायान के वज्रयान परंपरा से लिया गया है. पाखंडियों ने ओम मणि पद्मे हम मंत्र से ओम को चोरी करके भ्रमित किया और इसे सृष्टि के आरंभ से बताया गया है!

किसी भी मंत्र से पहले यदि ॐ जोड़ दिया जाए तो वह पूर्णतया शुद्ध और शक्ति-सम्पन्न हो जाता है। किसी देवी-देवता, ग्रह या ईश्वर के मंत्रों के पहले ॐ लगाना

 #ऊँ_नमःशिवाय #ऊँ #OM @highlight

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